1 धार्मिक और मज़हबी कहानियां गढ़ने वाले उस टाइम में बहुत धूर्त और चालाक रहे होंगे ।
2 और भोले-भाले लोगों को बेवकूफ बनाने में कामयाब रहे होंगे
3 लेकिन शायद वह इस बात से अनभिज्ञ थे कि एक टाइम ऐसा भी आएगा
4 जब विज्ञान बहुत तरक्की कर लेगा , हर एक अनपढ़ और जाहिल इंसान पढ़ लिखकर समझदार हो जाएगा
तथा अपनी सोच से उन काल्पनिक कहानियों में सच्चाई ढूंढेगा ।
हर मनगढ़ंत कहानियों और चमत्कारों में तर्क के साथ बहस करेगा ।
धर्म या मजहब के सारे चमत्कारों के क़िस्से महज़ इंसानों को अपनी और खींचने भर के माध्यम थे
और आज भी हैं
जैसे बिजनेस को बढ़ाने के लिए विज्ञापन दिए जाते हैं ।
और इन सभी विज्ञापनों को हम भलीभांति जानते हैं
जैसे ,
एक बालक के धड़ पर हाथी का सर लगा देना ।
एक उंगली पे पर्वत उठा लेना ।
एक वानर का हवा में उड़ना ।
पैगंबर द्वारा धरती से ही एक उंगली के इशारे पर चांद के दो टुकड़े कर देना ।
हजरत अली द्वारा " दर ए ख़ैबर " ( दुश्मन के किले के एक दरवाजे का नाम ) एक हाथ से उखाड़ देना ।
मुंह ,नाक , कान , पसीने से बच्चे पैदा करना ।
वगेरा वगेरा वगेरा ,,,,,,और विज्ञापन लिखने लगा तो आप पोस्ट पर फारवर्ड मार दोगे ।
और यह विज्ञापन इंसानों को भ्रमित करने के साथ डराते भी थे
ताकि श्रद्धा दिल की गहराइयों तक बैठ जाए
लेकिन unko को यह मालूम नहीं था कि सैकड़ों हजारों साल बाद ऐसे विज्ञापन
हंसी का पात्र बन जाएंगे ।
PRB Music & Media
Prakash Barwar Nosar
2 और भोले-भाले लोगों को बेवकूफ बनाने में कामयाब रहे होंगे
3 लेकिन शायद वह इस बात से अनभिज्ञ थे कि एक टाइम ऐसा भी आएगा
4 जब विज्ञान बहुत तरक्की कर लेगा , हर एक अनपढ़ और जाहिल इंसान पढ़ लिखकर समझदार हो जाएगा
तथा अपनी सोच से उन काल्पनिक कहानियों में सच्चाई ढूंढेगा ।
हर मनगढ़ंत कहानियों और चमत्कारों में तर्क के साथ बहस करेगा ।
धर्म या मजहब के सारे चमत्कारों के क़िस्से महज़ इंसानों को अपनी और खींचने भर के माध्यम थे
और आज भी हैं
जैसे बिजनेस को बढ़ाने के लिए विज्ञापन दिए जाते हैं ।
और इन सभी विज्ञापनों को हम भलीभांति जानते हैं
जैसे ,
एक बालक के धड़ पर हाथी का सर लगा देना ।
एक उंगली पे पर्वत उठा लेना ।
एक वानर का हवा में उड़ना ।
पैगंबर द्वारा धरती से ही एक उंगली के इशारे पर चांद के दो टुकड़े कर देना ।
हजरत अली द्वारा " दर ए ख़ैबर " ( दुश्मन के किले के एक दरवाजे का नाम ) एक हाथ से उखाड़ देना ।
मुंह ,नाक , कान , पसीने से बच्चे पैदा करना ।
वगेरा वगेरा वगेरा ,,,,,,और विज्ञापन लिखने लगा तो आप पोस्ट पर फारवर्ड मार दोगे ।
और यह विज्ञापन इंसानों को भ्रमित करने के साथ डराते भी थे
ताकि श्रद्धा दिल की गहराइयों तक बैठ जाए
लेकिन unko को यह मालूम नहीं था कि सैकड़ों हजारों साल बाद ऐसे विज्ञापन
हंसी का पात्र बन जाएंगे ।
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Prakash Barwar Nosar

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